राशन कार्ड में अप्रैल 2025 से हुआ बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत सभी राशनकार्ड धारकों को मिलेगा पूरा अनाज
भारत सरकार ने अप्रैल 2025 में एक बड़ा फैसला लिया है जिससे करोड़ों राशन कार्ड धारकों को राहत मिली है। अब देशभर के लाभार्थियों को गेहूं, चावल, बाजरा और जुंडी चारों प्रकार के अनाज मिलेंगे। यह योजना APL (Above Poverty Line), BPL (Below Poverty Line) और अंत्योदय (Antyodaya Anna Yojana) कार्ड धारकों के लिए समान रूप से लागू की गई है। आइए विस्तार से समझते हैं इस योजना के बारे में:
1. परिचय: राशन कार्ड प्रणाली का उद्देश्य क्या है?
राशन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सब्सिडी दर पर अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने का हक देता है। यह प्रणाली राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चलती है और इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
2. अप्रैल 2025 से क्या हुआ नया बदलाव?
अब तक लाभार्थियों को गेहूं, बाजरा और जुंडी मिलते थे, लेकिन चावल नहीं दिया जा रहा था। अप्रैल 2025 से सरकार ने चावल को भी फिर से वितरण सूची में शामिल कर लिया है। यह कदम व्यापक जनहित को देखते हुए लिया गया है।
3. पहले क्या मिलता था – गेहूं, बाजरा और जुंडी
पहले कार्ड धारकों को क्षेत्रीय उपलब्धता और राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार गेहूं, बाजरा और जुंडी वितरित किए जाते थे। इन अनाजों की मात्रा भी राज्यवार भिन्न होती थी।
4. पिछली बार क्यों नहीं मिला था चावल?
2024 के अंतिम महीनों में चावल की उपलब्धता में कमी, उत्पादन में गिरावट और कुछ राज्यों की प्राथमिकता नीति के कारण कई लोगों को चावल नहीं मिल पाया था। यह अस्थायी निर्णय था।
5. अब अप्रैल 2025 से चावल फिर क्यों मिलने लगा?
सरकार ने किसानों को प्रोत्साहन, समर्थन मूल्य में वृद्धि और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के पुनर्गठन के जरिए चावल की आपूर्ति सुनिश्चित की। इससे अब सभी राज्यों में चावल फिर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
6. केंद्र सरकार का नया दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि सभी राज्यों को NFSA के तहत समान रूप से गेहूं, चावल, बाजरा और जुंडी का वितरण करना है। इसके लिए अतिरिक्त फंडिंग और भंडारण सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं।
7. राज्यवार राशन वितरण नीति में बदलाव
हर राज्य को अब अपने नागरिकों को चारों अनाज उपलब्ध कराने हैं। हालांकि कुछ राज्यों ने पहले ही इस बदलाव को लागू कर दिया है, शेष राज्यों को जून 2025 तक इसे लागू करना अनिवार्य किया गया है।
8. कौन-कौन से लाभार्थी होंगे कवर – APL, BPL, Antyodaya
इस नई नीति के तहत:
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APL कार्ड धारक – उन्हें सीमित मात्रा में लेकिन सब्सिडी दर पर राशन मिलेगा।
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BPL कार्ड धारक – उन्हें प्रति व्यक्ति तय मात्रा में अनाज मुफ्त या अत्यंत कम दाम पर मिलेगा।
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Antyodaya परिवार – इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा राशन मिलेगा।
9. राशन कार्ड के ज़रिए कितनी मात्रा में मिलेगा कौन सा अनाज?
प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह:
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गेहूं – 5 किलो
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चावल – 5 किलो
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बाजरा – 2 किलो
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जुंडी – 2 किलो (राज्य अनुसार थोड़े अंतर हो सकते हैं)
10. जुंडी क्या होती है और इसका पोषण मूल्य
जुंडी एक प्रकार की मोटा अनाज है जो ग्रामीण इलाकों में काफी लोकप्रिय है। इसमें आयरन, फाइबर और कैल्शियम भरपूर होता है और यह पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभकारी है।
11. बाजरा को फिर से क्यों जोड़ा गया है राशन में?
बाजरा भारतीय कृषि का पारंपरिक हिस्सा है और इसे पोषणयुक्त माना जाता है। सरकार मिलेट्स (श्री अन्न) को बढ़ावा देने के लिए इसे फिर से राशन में शामिल कर रही है।
12. प्रधानमंत्री पोषण योजना से इसका क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बच्चों को भी बाजरा और जुंडी जैसे पौष्टिक अनाज दिए जा रहे हैं। यह योजना और राशन वितरण अब एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं।
13. महिलाओं और बच्चों को विशेष लाभ कैसे?
महिला प्रधान परिवारों को राशन में प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक राशन भी प्रदान किया जा रहा है।
(जारी...)
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